One new story banyan jisma Rahul or uski grandma ho video cartoon ma hona chaia hindi ma ho aur uska character v hindi bol rha ho 3d animation story video ho
by
Kulwinder Kaur
Adventure
Kids
यह कहानी राहुल और उसकी दादी की है, जो एक रोमांचक यात्रा पर निकलते हैं। इस यात्रा के दौरान, वे मेहनत और दया के महत्व को समझते हैं। पार्क में एक छोटा, प्यारा पिल्ला खो जाता है, और राहुल उसे ढूंढने में म...
Contents
7 words · 2 chapters · 1 characters
Chapter
01
राहुल का रोमांचक दिन
राहुल अपने दादी के साथ अपनी गली में चल रहा था। आज स्कूल की छुट्टी थी, और राहुल को अपनी दादी के साथ पार्क में जाने का बहुत मन था। जैसे ही वे पार्क पहुंचे, राहुल की आँखें चमक उठीं। पार्क में तरह-तरह के फूल खिले थे और चारों ओर रंग-बिरंगी तितलियाँ उड़ रही थीं।
"दादी, देखिए! कितनी प्यारी तितली!" राहुल ने खुशी से उछलते हुए कहा।
दादी मुस्कुराईं, "हाँ बेटा, प्रकृति कितनी सुंदर होती है। हमें इसे हमेशा संजोकर रखना चाहिए।"
राहुल और उसकी दादी ने पार्क में एक आरामदायक बेंच ढूंढी और बैठ गए। राहुल ने अपने बैग से एक छोटा सा टिफिन निकाला और दादी को भी दिया। वे दोनों स्वादिष्ट सैंडविच खाते हुए पार्क के नज़ारों का आनंद लेने लगे।
तभी, राहुल ने देखा कि एक छोटा, प्यारा पिल्ला पार्क में इधर-उधर दौड़ रहा था। वह बहुत ही चंचल लग रहा था, लेकिन उसके चेहरे पर थोड़ी चिंता भी थी। "दादी, देखिए! वह पिल्ला कितना प्यारा है! लेकिन वह थोड़ा परेशान लग रहा है," राहुल ने कहा।
दादी ने ध्यान से देखा और बोलीं, "शायद वह खो गया है। हमें उसकी मदद करनी चाहिए।"
राहुल ने तुरंत फैसला किया कि वह पिल्ले की मदद करेगा। वह धीरे-धीरे पिल्ले के पास गया और उसे प्यार से बुलाया, "आओ, छोटे! घबराओ मत। हम तुम्हारी मदद करेंगे।"
पिल्ला राहुल की तरफ देखने लगा और धीरे-धीरे उसके पास आ गया। राहुल ने उसे प्यार से सहलाया और बोला, "तुम्हारा नाम क्या है? चलो, हम तुम्हें तुम्हारे मालिक के पास वापस ले चलते हैं।"
दादी ने कहा, "शायद उसके गले में पट्टा हो, जिसमें उसका नाम लिखा हो।"
राहुल ने देखा और पाया कि पिल्ले के गले में पट्टा था, जिस पर उसका नाम 'बॉबी' लिखा था। अब, राहुल और दादी का अगला काम था बॉबी के मालिक को ढूंढना।
राहुल ने दादी की ओर देखा और कहा, "दादी, हम बॉबी के मालिक को कैसे ढूंढेंगे?"
दादी ने मुस्कुराते हुए कहा, "हम पार्क में सबको पूछेंगे। कोई न कोई जरूर जानता होगा।"
राहुल और उसकी दादी ने बॉबी को लेकर पार्क के लोगों से पूछना शुरू किया। वे हर किसी को बॉबी का पट्टा दिखाते और पूछते, "क्या आपने इस पिल्ले को देखा है?"
अचानक, एक छोटी लड़की दौड़ती हुई आई और उसने खुशी से कहा, "बॉबी! तुम यहां हो! मैं तुम्हें ढूंढ रही थी!"
राहुल और दादी ने राहत की सांस ली और बॉबी को उस लड़की को सौंप दिया। लड़की ने कहा, "धन्यवाद! आप दोनों ने मेरी बहुत मदद की।"
राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, "कोई बात नहीं। हमें तो खुशी है कि हमने बॉबी को सही जगह पहुंचा दिया।"
दिन का यह रोमांचक अनुभव राहुल के दिल में खुशी और संतोष छोड़ गया। लेकिन उसने महसूस किया कि यह बस शुरुआत थी। आगे और भी रोमांचक सफर उनका इंतजार कर रहे थे।
"दादी, देखिए! कितनी प्यारी तितली!" राहुल ने खुशी से उछलते हुए कहा।
दादी मुस्कुराईं, "हाँ बेटा, प्रकृति कितनी सुंदर होती है। हमें इसे हमेशा संजोकर रखना चाहिए।"
राहुल और उसकी दादी ने पार्क में एक आरामदायक बेंच ढूंढी और बैठ गए। राहुल ने अपने बैग से एक छोटा सा टिफिन निकाला और दादी को भी दिया। वे दोनों स्वादिष्ट सैंडविच खाते हुए पार्क के नज़ारों का आनंद लेने लगे।
तभी, राहुल ने देखा कि एक छोटा, प्यारा पिल्ला पार्क में इधर-उधर दौड़ रहा था। वह बहुत ही चंचल लग रहा था, लेकिन उसके चेहरे पर थोड़ी चिंता भी थी। "दादी, देखिए! वह पिल्ला कितना प्यारा है! लेकिन वह थोड़ा परेशान लग रहा है," राहुल ने कहा।
दादी ने ध्यान से देखा और बोलीं, "शायद वह खो गया है। हमें उसकी मदद करनी चाहिए।"
राहुल ने तुरंत फैसला किया कि वह पिल्ले की मदद करेगा। वह धीरे-धीरे पिल्ले के पास गया और उसे प्यार से बुलाया, "आओ, छोटे! घबराओ मत। हम तुम्हारी मदद करेंगे।"
पिल्ला राहुल की तरफ देखने लगा और धीरे-धीरे उसके पास आ गया। राहुल ने उसे प्यार से सहलाया और बोला, "तुम्हारा नाम क्या है? चलो, हम तुम्हें तुम्हारे मालिक के पास वापस ले चलते हैं।"
दादी ने कहा, "शायद उसके गले में पट्टा हो, जिसमें उसका नाम लिखा हो।"
राहुल ने देखा और पाया कि पिल्ले के गले में पट्टा था, जिस पर उसका नाम 'बॉबी' लिखा था। अब, राहुल और दादी का अगला काम था बॉबी के मालिक को ढूंढना।
राहुल ने दादी की ओर देखा और कहा, "दादी, हम बॉबी के मालिक को कैसे ढूंढेंगे?"
दादी ने मुस्कुराते हुए कहा, "हम पार्क में सबको पूछेंगे। कोई न कोई जरूर जानता होगा।"
राहुल और उसकी दादी ने बॉबी को लेकर पार्क के लोगों से पूछना शुरू किया। वे हर किसी को बॉबी का पट्टा दिखाते और पूछते, "क्या आपने इस पिल्ले को देखा है?"
अचानक, एक छोटी लड़की दौड़ती हुई आई और उसने खुशी से कहा, "बॉबी! तुम यहां हो! मैं तुम्हें ढूंढ रही थी!"
राहुल और दादी ने राहत की सांस ली और बॉबी को उस लड़की को सौंप दिया। लड़की ने कहा, "धन्यवाद! आप दोनों ने मेरी बहुत मदद की।"
राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, "कोई बात नहीं। हमें तो खुशी है कि हमने बॉबी को सही जगह पहुंचा दिया।"
दिन का यह रोमांचक अनुभव राहुल के दिल में खुशी और संतोष छोड़ गया। लेकिन उसने महसूस किया कि यह बस शुरुआत थी। आगे और भी रोमांचक सफर उनका इंतजार कर रहे थे।
Chapter
02
प्यार और मेहनत का फल
राहुल और उसकी दादी पार्क में बैठे थे, जब वह छोटी लड़की बॉबी को लेकर चली गई। राहुल के चेहरे पर संतोष की मुस्कान थी। दादी ने उसके सिर पर हाथ फेरा और कहा, "तुमने आज बहुत अच्छा काम किया, राहुल।"
राहुल ने उत्तर दिया, "दादी, मैंने महसूस किया कि मेहनत और प्यार से किसी की मदद करना कितना अच्छा लगता है।"
दादी ने मुस्कुराते हुए कहा, "बिल्कुल सही कहा। मेहनत और प्यार से किया गया काम हमेशा खुशी देता है।"
तभी राहुल की नजर पार्क के कोने में लगे एक सुंदर गुलाब के पौधे पर पड़ी। उसने देखा कि कुछ फूल मुरझा रहे थे। राहुल ने दादी से पूछा, "दादी, हम इन फूलों की मदद कैसे कर सकते हैं?"
दादी ने कहा, "हम इन्हें थोड़ा पानी दे सकते हैं और कुछ समय के लिए इनकी देखभाल कर सकते हैं।"
राहुल और दादी ने पास के नल से पानी लिया और गुलाब के पौधे को सींचने लगे। उन्होंने पौधे के आसपास की मिट्टी को भी साफ किया। कुछ देर में गुलाब के फूल ताजे और खुशबूदार लगने लगे।
राहुल ने खुशी से कहा, "देखो दादी, ये फूल फिर से खिल गए!"
दादी ने कहा, "हां राहुल, प्यार और मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है।"
राहुल ने सिर हिलाते हुए कहा, "मैं समझ गया, दादी। मेहनत और प्यार से हम किसी की भी मदद कर सकते हैं।"
उसी समय, पार्क में एक बूढ़ी अम्मा आईं और उन्होंने राहुल और दादी को पौधे की देखभाल करते देखा। उन्होंने कहा, "तुम दोनों ने आज मेरी बहुत मदद की है। मैं रोज इन फूलों की देखभाल करती हूं, लेकिन आज मेरी तबीयत ठीक नहीं थी।"
राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, "कोई बात नहीं, अम्मा। हमें खुशी हुई कि हम तुम्हारी मदद कर सके।"
अम्मा ने आशीर्वाद देते हुए कहा, "तुम्हारे जैसे प्यारे बच्चे इस दुनिया को सुंदर बनाते हैं।"
उस दिन राहुल ने सीखा कि मेहनत और प्यार से किया गया हर काम दूसरों के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। उसने ठान लिया कि वह हमेशा अपनी दादी की तरह दूसरों की मदद करेगा।
जैसे ही राहुल और दादी घर की ओर लौटने लगे, राहुल ने दादी से पूछा, "दादी, क्या हम कल फिर पार्क आएंगे और कुछ नया करेंगे?"
दादी ने मुस्कुराते हुए कहा, "बिल्कुल! हर दिन एक नई शुरुआत होती है।"
राहुल ने उत्सुकता से सोचा कि कल का दिन क्या नया रोमांच लेकर आएगा। और इस तरह, उनकी रोमांचक यात्रा का एक और दिन खत्म हुआ, लेकिन नए अनुभव और सीखने के लिए कई और दिन बाकी थे।
राहुल ने उत्तर दिया, "दादी, मैंने महसूस किया कि मेहनत और प्यार से किसी की मदद करना कितना अच्छा लगता है।"
दादी ने मुस्कुराते हुए कहा, "बिल्कुल सही कहा। मेहनत और प्यार से किया गया काम हमेशा खुशी देता है।"
तभी राहुल की नजर पार्क के कोने में लगे एक सुंदर गुलाब के पौधे पर पड़ी। उसने देखा कि कुछ फूल मुरझा रहे थे। राहुल ने दादी से पूछा, "दादी, हम इन फूलों की मदद कैसे कर सकते हैं?"
दादी ने कहा, "हम इन्हें थोड़ा पानी दे सकते हैं और कुछ समय के लिए इनकी देखभाल कर सकते हैं।"
राहुल और दादी ने पास के नल से पानी लिया और गुलाब के पौधे को सींचने लगे। उन्होंने पौधे के आसपास की मिट्टी को भी साफ किया। कुछ देर में गुलाब के फूल ताजे और खुशबूदार लगने लगे।
राहुल ने खुशी से कहा, "देखो दादी, ये फूल फिर से खिल गए!"
दादी ने कहा, "हां राहुल, प्यार और मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है।"
राहुल ने सिर हिलाते हुए कहा, "मैं समझ गया, दादी। मेहनत और प्यार से हम किसी की भी मदद कर सकते हैं।"
उसी समय, पार्क में एक बूढ़ी अम्मा आईं और उन्होंने राहुल और दादी को पौधे की देखभाल करते देखा। उन्होंने कहा, "तुम दोनों ने आज मेरी बहुत मदद की है। मैं रोज इन फूलों की देखभाल करती हूं, लेकिन आज मेरी तबीयत ठीक नहीं थी।"
राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, "कोई बात नहीं, अम्मा। हमें खुशी हुई कि हम तुम्हारी मदद कर सके।"
अम्मा ने आशीर्वाद देते हुए कहा, "तुम्हारे जैसे प्यारे बच्चे इस दुनिया को सुंदर बनाते हैं।"
उस दिन राहुल ने सीखा कि मेहनत और प्यार से किया गया हर काम दूसरों के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। उसने ठान लिया कि वह हमेशा अपनी दादी की तरह दूसरों की मदद करेगा।
जैसे ही राहुल और दादी घर की ओर लौटने लगे, राहुल ने दादी से पूछा, "दादी, क्या हम कल फिर पार्क आएंगे और कुछ नया करेंगे?"
दादी ने मुस्कुराते हुए कहा, "बिल्कुल! हर दिन एक नई शुरुआत होती है।"
राहुल ने उत्सुकता से सोचा कि कल का दिन क्या नया रोमांच लेकर आएगा। और इस तरह, उनकी रोमांचक यात्रा का एक और दिन खत्म हुआ, लेकिन नए अनुभव और सीखने के लिए कई और दिन बाकी थे।
Cast of Characters
Rahul and grandma
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The End
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